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रूस जैसे दोस्त के लिए भारत ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कोई भी ताकत…

बीते काफी समय से भारत और रूस के बीच एक मिसाइल के सौदे पर बात चल रही थी. आपको जानकर खुश होगी कि ये सौदा अब लगभग-लगभग समपन्न होने की कगार पर आ पहुंचा है. इस मिसाइल और भारत-रूस के बीच के ख़ास रिश्ते पर बात करते हुए भारत की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि, “भारत और रूस के बीच हो रहे इस मिसाइल समझौते पर अमेरिका लगातार ही ऐतराज जता रहा था. हालाँकि भारत, अमेरिका के इस बेबुनियाद ऐतराज को मान नहीं सकता है.”

रक्षामंत्री ने आगे अपना पक्ष साफ़ रखते हुए कहा कि, “हमनें अमेरिकी सासंदों और अधिकारियों से साफ कह दिया है कि रूस के साथ रक्षा सम्बन्ध रखने वाले कैटसा कानून को भारत नहीं मानता है. इसकी वजह है कि वो कानून अमेरिकी कानून है, भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है. साथ ही अमेरिका को ये भी समझने की ज़रूरत है कि भारत-रूस के रक्षा संबंध दशकों साल पुराने हैं. ऐसे में कोई ताकत दोनों देशो के बीच अड़चन पैदा नहीं कर सकती.”

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि रूस और भारत के बीच जिस मिसाइल को लेकर बात निर्णायक दौर में पहुँच चुकी है, उसके बारे में दोनों देशों के बीच कई सालों से बात चल रही थी. इसी बात से नाखुश अमेरिका ने कैटसा यानि काउंटरिंग अमेरिकन एडर्वसर्रीज थू्र सैंक्शंस एक्ट बनाया है. इस एक्ट के पारित होने के बाद अमेरिका सभी देशों को धमकी दे रहा है कि जो कोई भी देश रूस से रक्षा का कोई भी सामान ख़रीदेगा उस देश के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे.

“अगले चार साल के अंदर ये मिसाइलें देश की सुरक्षा के लिए तैनात कर दी जाएगी.”—रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण

हालाँकि अमेरिका की इस धमकी से परे जाकर भारत ने रूस के साथ मिसाइल का सौदा किया और अब वो सौदा अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है. जानकारी के लिए बता दें कि S-400 एंटी मिसाइल प्रणाली दुश्मन की किसी भी हमलावर बैलिस्टक मिसाइल को हवा में ही करीब 250 किलोमीटर दूर से ही ख़त्म करने का दम रखती है. चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नीचता को देखते हुए भारत ने इस तरह की बैलिस्टक मिसाइल को खरीदने का अहम फैसला किया है. बता दें भारत और रूस के बीच ऐसी ही तकरीबन 5 मिसाइलें खरीदे जाने की डील चल रही है. अनुमान से बताया जाये तो इस डील में लगभग पौने छह अरब डालर की लागत आ सकती है.

news source: नवभारत टाइम्स