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ब्रेकिंग: तो अंबानी के “सपनो के जियो इंस्टिट्यूट” को मोदी सरकार दे रही है बड़ा दर्जा और 1000 करोड़? जानिये पूरा सच

विपक्ष अक्सर सरकार को घेरने की कोशिश में लगा रहता है इसी चक्कर में कई बार विपक्ष को मुंह की भी खानी पड़ जाती हैं. मोदी सरकार को हर योजना और फैसले पर सिर्फ आलोचना करने वाले विपक्ष को अब सरकार ने मुंह तोड़ जवाब दिया है. सरकार को घेरने के चक्कर में विपक्ष को करारा जवाब मिला है.

Source-IndiLeak

आपको बता दें कि कल छह संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा दिया जिसमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई, आईआईएससी बेंगलोर, मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, बिट्स पिलानी और जियो इंस्टीट्यूट शामिल हैं. अब पूरा विपक्ष इस लिस्ट में जियों इंस्टिट्यूट का नाम आने से  मोदी सरकार पर हमला बोल रहा था. विपक्ष का  कहना  है कि  जियों इंस्टिट्यूट अभी तक बना ही नही तो उसे आईआईटी के समकक्ष कैसे रखा जा सकता है. कांग्रेस ने मोदी सरकार को अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा दिया.

विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने सफाई दी और हकीकत से लोगों को परिचित करवाया गया. उच्च शिक्षा सचिव आर सुब्रमण्यम ने जानकारी देते हुए बताया कि ये दर्जे तीन श्रेणियों में दिए गये हैं पहली श्रेणी सरकारी संस्थानों की है जिसमें आईआईटी को शामिल किया गया, दूसरी श्रेणी निजी संस्थानों की है, जिसमें बिट्स पिलानी और मणिपाल जैसे संस्थान हैं.’ तीसरी श्रेणी ऐसे ग्रीनफील्ड प्राइवेट इंस्टीट्यूट की है, जो अभी चालू नहीं हुए हैं, लेकिन जहां सुस्पष्ट रूप से जिम्मेदार निजी निवेश के जरिए वैश्विक स्तर का संस्थान बनाने की इच्छा हो. उनका स्वागत करना चाहिए.’  आपको बता दें कि  कांग्रेस पार्ट्री  जिस  फेक न्यूज के जरिये सरकार को घेरने की कोशिश कर रही थी उसे हटा लिया गया है.

आपको बता दें कि कुछ लोग यह भी खबर फैला रहे हैं जियो इंस्टीट्यूट को 1000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे लेकिन सरकार की तरफ से यह साफ़ किया गया है कि यह पूरी तरह गलत हैं 1000 करोड़ सिर्फ सरकारी संस्थानों की दिए जायेंगे.आपको बता दें कि अभी जियो इंस्टीट्यूट को  लेटर ऑफ इंटेन्ट मिला है, जिसके मुताबिक उन्हें तीन साल में स्थापना करनी होगी.

आर सुब्रमण्यम ने बताया कि ग्रीनफील्ड कटेगरी लिए 11 प्रस्ताव आये थे. कमेटी ने जरूरी प्रक्रिया, उनके प्रस्ताव और जमीन-बिल्डिंग आदि को लेकर उनकी योग्यता पर विचार करने के बाद केवल एक संस्थान को ही योग्य पाया और वो जियो इंस्टिट्यूट था. सरकार द्वारा दिए ये  जवाब विपक्ष का मुंह बंद करने के लिय काफी हैं जो मोदी जी पर करीबीयों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हैं.