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कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती की सरकार जाते ही अलगाववादियों पर शुरू हुई बड़ी कार्रवाई !

जम्मू-कश्मीर मे बीजेपी-पीडीपी की सरकार धराशायी होने के बाद राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर मे जारी एक और उथल-पुथल भरे माहौल मे जेकेएलएफ प्रमुख को हिरासत मे ले लिया गया है जबकि हुर्रियत कांफ्रेंस के नरम थड़े के अध्यक्ष को नजरबंद कर दिया गया है. इसके अलावा एक दर्जन हुर्रियत नेताओं को हिरासत मे भी लिया गया है. जेकेएलएफ और हुर्रियत कांफ्रेंस के यह अलगाववादी नेता ‘ज्वांइट रेजीस्टेंस लीडरशिप’ के बैनर तले जम्मू-कश्मीर में एक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले थे और इसी लिए इन्हे हिरासत मे ले लिया गया.

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा: (Image Source)

यासीन मलिक गिरफ्तार जबकि मीर वाइज उमर फार्रुख नजरबंद 

‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ के अध्यक्ष यासीन मलिक को गुरुवार को हिरासत मे ले लिया गया है तो वहीं हुर्रियत कांफ्रेंस के नरम धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फार्रुख को नजरबंद कर दिया गया.

जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक: (Image Source)

जम्मू-कश्मीर के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार मलिक को आज सुबह उनके मैसूमा स्थित आवास से हिरासत मे ले लिया गया. यासीन मलिक को कोठी बाग स्थित पुलिस थाने मे रखा गया है. उधर हुर्रियत कांफ्रेंस के नरम धड़े के अध्यक्ष मीर वाइज उमर फार्रुख को नजरबंद कर दिया गया है.

इसलिए किए गए गिरफ्तार 

दरअसल हुर्रियत कांफ्रेंस की तरफ से आयोजित किए जा रहे सेमिनार को देखते हुए इन अलगाववादियों पर शिकंजा कसा गया है. इन अलगाववादियों ने कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों के मारे जाने और राइजिंग कश्मीर के पत्रकार शुजात बुखारी के हत्या के विरोध मे आज यानि की गुरुवार को  एक बैनर के तले सेमिनार करने की घोषणा की थी.

हुर्रियत कांफ्रेंस नेता मीर वाइज उमर फार्रुख: (Image Source)

 

आपको बता दें कि इस समय ‘राज्यपाल शासन’ के तहत राज्यपाल एनएन वोहरा के हाथों मे जम्मू-कश्मीर की कमान है.

 

आपसे एक सीधा सवाल

आपको नही लगता कि ‘राज्यपाल शासन’ लगते ही अलगाववादी एक फिर अपनी रोटियां सेकनें मे लग गए हैं?

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